
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। लंबे समय से इस पर चर्चा चल रही है, और अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि 23 अप्रैल 2025 को होने वाली बैठक में इस पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है। बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन और Terms of Reference (TOR) पर विचार किया जाएगा, जिससे इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, क्योंकि इस बैठक में फैसला होने के बाद इस मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
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8th Pay Commission की बैठक
नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक 23 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें 8वें वेतन आयोग के गठन पर विचार होगा। इस बैठक में TOR पर चर्चा की जाएगी, और उसके बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ही आयोग के गठन पर निर्णय लिया जाएगा। यह एक बड़ा कदम हो सकता है क्योंकि इसके बाद कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और पेंशन में बदलाव से संबंधित नई जानकारियाँ मिल सकती हैं।
कब और कैसे होगा लागू?
हालांकि 8वें वेतन आयोग की गठन प्रक्रिया को लेकर अभी कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है, लेकिन एक रिपोर्ट के अनुसार, इसे जनवरी 2026 में शुरू किए जाने की संभावना है। इसके बाद संशोधित वेतन और पेंशन का भुगतान 2027 की शुरुआत से पहले शुरू होने की संभावना नहीं है। यह बड़ी बात है क्योंकि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को वेतन वृद्धि का फायदा और एरियर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। इससे पहले, 7वें वेतन आयोग के बाद कई सालों तक कर्मचारियों को नई वेतन नीति का इंतजार करना पड़ा था।
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महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
इस बीच, केंद्रीय सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिससे कर्मचारियों के वेतन में थोड़ी राहत मिली है। यह बढ़ोतरी उनके मासिक वेतन में सीधा इजाफा कर सकती है। हालांकि, यह बढ़ोतरी 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक कर्मचारियों को तत्काल राहत देने में मददगार साबित हो सकती है। इस बढ़ोतरी का असर कर्मचारियों के जीवनस्तर में जरूर दिखाई देगा, लेकिन 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर ही अधिक लाभ मिल सकेगा।
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