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TRAI की सख्ती का असर! DoT ने बंद किए 1.75 लाख नंबर – कहीं आपने भी तो नहीं की ये गलती?

DoT ने एक साथ 1.75 लाख टेलीफोन नंबर किए डिस्कनेक्ट, स्पैम कॉल्स और फ्रॉड में इस्तेमाल हो रहे थे ये नंबर – क्या आपके मोबाइल नंबर पर भी आ सकता है खतरा? जानें पूरी सच्चाई और बचाव के तरीके इस लेख में!

By Andrea Mathews
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TRAI की सख्ती: DoT ने बंद किए 1.75 लाख नंबर – क्या आपका भी है शामिल?

हाल ही में Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) की सख्ती के बाद, Department of Telecommunications (DoT) ने बड़ा एक्शन लेते हुए 1.75 लाख Landline और DID (Direct Inward Dialing) नंबरों को बंद कर दिया है। ये नंबर उन कंपनियों और व्यक्तियों के थे जो अवैध Promotional Activities, Spamming और Cyber Fraud में शामिल पाए गए। TRAI ने साफ किया है कि अब टेलीफोन नेटवर्क के दुरुपयोग पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी।

क्यों किया बड़ी संख्या में नंबरों की डिसकनेक्शन?

DoT को शिकायतें मिल रही थीं कि बड़ी संख्या में टेलीफोन नंबरों का प्रयोग स्पैम कॉल्स, OTP स्कैम और धोखाधड़ी में किया जा रहा है। इसके बाद विभाग ने संचार साथी पोर्टल (Sanchar Saathi Portal) के ज़रिए मॉनिटरिंग शुरू की। इसमें ‘चक्षु’ (Chakshu) नामक मॉड्यूल के ज़रिए आम लोग भी संदिग्ध कॉल्स की रिपोर्ट कर सकते हैं। इन्हीं रिपोर्ट्स और डिजिटल एनालिटिक्स के आधार पर कार्रवाई की गई।

क्या आपके नंबर पर भी पड़ सकता है असर?

यदि आपका नंबर किसी तरह की Promotional Calling या Spam Activities में संलिप्त नहीं है, तो डरने की ज़रूरत नहीं है। लेकिन अगर आपके नाम से लिया गया कोई नंबर गलत उपयोग में आ रहा है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। DoT अब आधार, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज़ों के ज़रिए KYC सख्ती से लागू कर रहा है ताकि फर्जी कनेक्शन रोके जा सकें।

कैसे करें स्पैम कॉल की शिकायत?

अगर आपको किसी भी प्रकार की अवांछित कॉल आती है, तो आप संचार साथी पोर्टल पर जाकर ‘चक्षु’ सेक्शन के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यहां आप कॉल नंबर, कॉल का प्रकार और प्राप्त समय जैसी जानकारी भरकर अपनी शिकायत रजिस्टर कर सकते हैं। DoT की यह पहल आम लोगों को सुरक्षा देने के साथ-साथ टेलीफोन नेटवर्क को भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

अवैध प्रमोशनल कॉल्स के पीछे कौन लोग हैं?

अधिकांश मामलों में यह देखा गया है कि कुछ कंपनियां अपने टेलीमार्केटिंग नेटवर्क के ज़रिए ग्राहकों को Services, Loans, Investment Plans, IPO आदि की जानकारी देने के बहाने धोखाधड़ी करती हैं। कुछ मामलों में तो Cyber Crime Syndicates इन कॉल्स के ज़रिए लोगों की पर्सनल डिटेल्स चुराकर बैंक अकाउंट तक खाली कर देते हैं।

आगे क्या योजना है DoT की?

DoT और TRAI मिलकर एक Unified Communication Monitoring System विकसित कर रहे हैं जिससे कि हर तरह की टेलीफोनिक गतिविधि पर डिजिटल निगरानी रखी जा सके। इसके तहत सभी टेलीकॉम कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर KYC अपडेट करें और संदिग्ध नंबरों को फ़ौरन ब्लॉक करें।

Author
Andrea Mathews
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